सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान

मुकेश पटेल @MotivationBeing.com | सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान | सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का most highest & most extreme war zone है। यह हिमालय की पूर्वी पर्वतमाला काराकोरम मे स्थित है।

सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान

हिमानी(ग्लेशियर) का मतलब होता है की हिमानी earth की सतह पर बर्फ का एक बड़ा भाग होता है जो भरी होने की वजह से सतह के सहारे नीचे आता है। इस पर बहुत अधिक संख्या मे हिमस्खलन होते है।

सियाचिन हिमानी काराकोरम पर्वतमाला का सबसे हिमानी है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हिमानी है।

Video by: Rahasya Talk Show

सियाचिन तापमान Siachen Temperature

सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान सियाचिन तापमान-Siachen TemperatureSiachen Glacier मे तापमान अत्यंत ठंडा है। Winter मे Siachen temperature -70 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। वर्तमान मे(23 नवम्बर 2018) यहा का तापमान -20 डेगरे सेल्सियस है जो की बहुत ही कम है और जीने के लिए बहुत प्रतिकूल है।

सियाचिन की ऊँचाई

सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान-5सियाचिन हिमानी समुन्द्र ताल से लगभग 5,753 meter की उचाई पर स्थित है। इतनी उचाई पर तापमान बहुत ही कम रहता है जहां जीना लगभग नामुमकिन होता है।

अत्यधिक उचाई और कम तापमान होने की वजह से वहाँ oxigen की लगभग 10% से भी कम मात्रा होती है जो जीने के लिए बहुत ही कम है।

इसी सर्दी के कारण और बहुत कम तापमान होने की वजह से यहा सैनिक की मृत्यु हो जाती है।

सियाचिन का मतलब

सियाचिन के नाम के पीछे का एक मतलब भी है। Siachen का नजदीकी क्षेत्र है बलिस्तान जहा बल्कि भाषा का प्रयोग की जाता है जिसमे सियाचिन का मतलब होता है है गुलाब की भरमार। इसके अलावा सिया का एक प्रकार का जंगली गुलाब। लेकिन अगर आप सियाचिन मे जाए तो आपको केवल बर्फ की छदरे ही मिलेगी।

सियाचिन मे सैनिक

सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमानसियायाचिन मे भारतीय सैनिक हरदम तैनात रहते है। सियायाचिन भारत का सबसे ऊंचा war zone है जिसके एक तरफ तो भारत है और दूसरी तरफ पाकिस्तान।

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यहा तापमान इतना कम है की आगे कोई सैनिक कुछ सेकंड के लिए भी अपने नंगे हाथ से बंदूक को पकड़ ले तो मात्र 15 सेकंड मे वह शीतदंश का शिकार हो जाए। शीतदंश मे व्यक्ति का शरीर ठंड की वजह से काम करना बंद कर देता है।

इस भयानक ठंड से बचने के लिए सैनिको को मोटे कपड़े और उसके ऊपर एक कोट पहनना पड़ता है जिसे स्नो कोट(Snow Coat) कहा जाता है।

सियाचिन बहुत ठंडा इलाका होने की वजह से वह नहाना तो दूर दाढ़ी बनाने को भी माना किया जाता है क्योकि इतनी ठंड मे त्वचा बहुत कमजोर होती है और छोटा सा घाव भरने मे महीनो लग जाते है।

सियाचिन मे एक सैनिक की ड्यूटि लगभग 3 माह होती है जिसमे उनको हरदम दुश्मनों से चौकन्ना रहने पड़ता है। इसी समय मे वह बहुत limited जगह मे घूम-फिर सकते है।

Siachen - सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमानवह खाना खाने से संबन्धित भी काफी सारी problems होती है। वहाँ कोई फल नहीं खा सकते क्योकि अगर फल ले जया जाए तो वह seconds मे एक बाल की तरह सख्त हो जाएगा जिसे खाना possible नहीं है। इसके अलावा वह ताजा खाना भी नहीं बनाया जा सकता।
सैनिको को रोजाना खाने की सामाग्री एक हलिकोप्टर की मदद से provides कराई जाती है जिसका नाम चीता है। यह halicopter केवल 30 seconds के लिए लाँड़ करेगा और फिर से वापस आ जाएगा।

वहाँ रहने के अलावा सोने की भी बहुत परेशनीया है। सोने के लिए वह sleeping bags का उपयोग करते है जिसमे भी खतरा उनके साथ होता है। काफी बार sleeping bags मे सोने के दौरान ही नींद मे उनकी मौत हो जाती है। ऐसा इसलिए की वह oxigen बहुत कम है। चौकियो को गरम रखने के लिए कच्ची मिट्टी के तेल की चिमनी का प्रयोग किया जाता है।

तो इतनी कठिनाइयो के होते हुये भी देश के जवान देश को प्रोटेक्ट करते है ताकि हम चैन की नींद सो सके।

क्या है सियाचिन विवाद

सियाचिन के एक ओर भारत की सीमा है तो दूसरी ओर पाकिस्तान की। सन 1972 मे मे शिमला समझौते के बार इसे यानि की Siachen को न रहने लायक योग्य घोषित कर दिया था।

Siachen - सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमानइसके बाद पाकिस्तान नेइस पर अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया जिसके response मे भारत ने 1984 मे ऑपरेशन मेघदूत चलाया और सियाचिन को शूरक्षित कर लिया। इसके बाद से सियाचिन के ऊपरी ओर भारत का कब्जा है तो निचली ओर पाकिस्तान का। 1984 के पहले यह किसी देश की आर्मी नहीं थी और न हो कोई लोग रहा करते थे क्योकि यह रहने योग्य नहीं है। इसके बाद 2003 मे युद्धविराम संधि के बाद से गोलाबारी तो रुक गयी लेकिन सिपाहियो को आज भी वहाँ तैनात रहना पढ़ता है ताकि देश सुरक्षित रहे।

अगर दोनों देशो के टोटल आंकड़ो की बात करे तो यह लगभग 2500 सैनिको की मृत्यु हो छिकी है जिसमे ज्या ज्यादा संख्या ठंड व oxigen की कमी से मौत का है।

Siachen MapSiachen Map - सियाचिन मे सैनिक जहां होता है -70 डिग्री तक तापमान

इतनी ठंड, ऊँचाई एवं oxigen की इतनी कमी के बावजूद भी हमारे जवान हरपल वहाँ तैनात रहते है ताकि देश safe रहे। उन देशप्रेमियों को हमारा सलाम।

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